भुला दिया भुला दिया
तेरे इश्क में खुद को भुला दिया
कभी आयतों में पढ़ा तुझे
कभी हर्फ हर्फ लिखा था तुझे
कभी दिल से तुझको पुकार के
कोई शेर अपना सुना दिया
ये अजीब इश्क के खेल हैं
जहां लज्जतों में कमी नहीं
कभी मैंने तुझको हँसा दिया
कभी तूने मुझको रूला दिया
भुला दिया भुला दिया…
… तेरे इश्क में खुद को भुला दिया
तेरी राह से जो निकल गये
वो दीवाने बन के मचल गये
कभी हमने की तेरी आरजू
तो बता दे ये क्या गुना’ह किया
भुला दिया भुला दिया…
… तेरे इश्क में खुद को भुला दिया